विराम चिह्न | Viram

विराम चिह्न -Viram विराम का अर्थ है रुकना। वक्ता का अपने भावों को व्यक्त करते वक्त रुकना ही विराम कहलाता है। लिखने में विराम स्थलों को जिन चिह्नों से प्रकट किया जाता है, वे विराम चिह्न होते हैं। इसलिये अर्द्ध विराम, पूर्ण विराम, अल्प विराम चिह्नों का ही लिखित भाषा में अधिक उपयोग होता है।

Viram
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विराम चिन्ह क्या होता है

वाक्य के अंत में जो चिह्न लगाए जाते हैं, उन्हें विराम चिह्न कहते हैं। जैसे । , ।। ; ? ! ” ‘ ( – आदि।

Viram चिह्नों के प्रकार –

हिन्दी में निम्नलिखित विराम चिह्नों का प्रयोग होता है। पहले एक-दो ही विराम चिह्न काम में आते थे पाई (1) और दो पाई ( 2) ।

जैसे–

आगे चले बहुरि रघुराई।

ऋष्यमूक परवत निवाराई ॥

लेकिन अब अंग्रेजी भाषा के प्रभाव में आकर हिन्दी भाषा में भी उसी भाषा के अनुसार अनेक प्रकार के विराम चिह्न प्रयोग में लिए जाते हैं।

14 विराम चिन्ह का नाम क्या है?

14 विराम चिन्ह का नाम निम्न लिखित है ।Viram

क्रम संख्या विराम चिह्न संकेत
1.पूर्ण विराम Full Stop
2.अर्द्ध विराम Semi Colon;
3.
अल्प विराम Comma
,
4. प्रश्नवाचक चिह्न Sign of Interrogation?
5.उद्धरण चिह्न Inverted Commas” “
6.बिवरण चिह्न Colon+dash:-
7. निर्देशक चिह्न Dash_
8.विस्मय बोधक चिह्न !
9.अपूर्ण विराम Colon:
10.योजक चिह्न Hyphon
11.कोष्ठक( )
12.समानता सूचक चिह्न Equal=
13.त्रुटिपूरक चिह्न ^
14.संक्षेप सूचक चिह्न.
Viram

कुछ विराम चिह्न नीचे दिये जाते हैं-

1. पूर्ण विराम Full Stop (।)-

पूर्ण विराम का अर्थ है, भली-भाँति ठहर जाना। प्रश्नवाचक तथा विस्मयबोधक वाक्यों को छोड़कर शेष सभी वाक्यों के अन्त में पूर्ण विराम का प्रयोग होता है। राजनीति के साथ-साथ वस्तु का सजीव वर्णन करते समय लेखक वाक्यांशों के अन्त में भी पूर्ण विराम का प्रयोग कर देते हैं; जैसे-

गोरा बदन । मदमाते नेत्र । कजरारी आँखें।

2. अर्द्ध विराम Semi Colon (;)-

पूर्ण विराम की तुलना में कम समय तक रुकने के लिये अर्द्ध विराम का प्रयोग किया जाता है। इसका चिह्न (;) है। इसका प्रयोग अग्रलिखित तीन स्थितियों में होता है। संयुक्त वाक्यों में मुख्य उपवाक्य से उन अन्य वाक्यों को अलग करने के लिये,जिनका मुख्य उपवाक्य से कोई सम्बन्ध हो; जैसे-

उसने परीक्षा में पास होने के लिये अनेक उपाय किये, किन्तु सब निष्फल सिद्ध हुए।

मैं जब आपके पास आऊँगा; तब मैं अपेक्षा करूँगा।

डॉ. राकेश कुमार , एम.ए., पी-एच.डी.।

3.अल्प विराम Comma (,) –

अल्पविराम का अर्थ है कम ठहरना । जिस वाक्य में जहां बहुत ही कम ठहरना होता है ,वहाँ अल्प विराम (,) का प्रयोग होता है। जैसे – राम , श्याम और हरी जाएंगे । उसने कहा ,’अपना काम करो ‘ । Viram

वे परिस्थितियाँ जिनमे अल्प विराम का प्रयोग होता है जो निम्नलिखित हैं-

(i) एक तरह के कई शब्द, वाक्यांश अथवा वाक्यों को अलग करने के लिये, जैसे-मैं तुम और मोहन चलेंगे।

(ii) भावातिरेक के कारण शब्दों की पुनरावृत्ति करते समय शब्दों का अलग करने केलिये; जैसे-चलो, चलो, अब रुकने का काम नहीं।

(iii) सम्बोधन के लिये, जिसको सम्बोधित किया गया हो; जैसे- महेश, जरा इधर आना।

(iv) हाँ, नहीं को शेष वाक्य से अलग करने के लिये; जैसे-हाँ, मैं भी चलूँगा।

(v) पर, इसलिये, अत:, परन्तु, क्योंकि, बल्कि, तथापि आदि के पहले अल्प विराम काप्रयोग किया जाता है; जैसे-वह आया था, परन्तु उसने कुछ कहा नहीं।

(vi) उद्धरण से पूर्व; जैसे-मैंने उससे कहा, ‘आप अब जा सकते हैं।

(vii) यह, वह, तब, तो, अब आदि के लोप होन पर; जैसे- जब यह काम कर रही है, करो।

(viii) किसी वाक्य के आरम्भ में बस, वस्तुतः, अच्छा, वास्तव में आदि के प्रयोग किये जाने पर इन शब्दों के बाद में अल्प विराम लगता है; जैसे-अच्छा ठीक है, चले जाना।

4. प्रश्न वाचक चिह्न Sign of Interrogation(?) –

प्रत्यक्ष रूप से पूछे गये प्रश्नवाचक वाक्यों में प्रश्न सूचक चिह्न का प्रयोग होता है; जैसे-तुम कब आये ? लेकिन अप्रत्यक्ष कथन वाले प्रश्न वाचक वाक्य के अन्त में प्रश्न सूचक चिह्न नहीं लगाया जाता; जैसे-मैं नहीं जानता कि तुम कब आये।

5.उद्धरण चिह्न Inverted Commas(” “)

उद्धरण चिह्न दो प्रकार के होते हैं- इकहरे और दोहरे । Viram

इकहरे चिह्नों का प्रयोग किसी लेख, पुस्तक, कविता आदि के शीर्षक लिखने में होता है; जैसे-मैंने प्रसादजी की ‘ममता’ कहानी पढ़ी है।

अथवा किसी शब्द को विशिष्टता अथवा विलगता सूचित करने के लिये होता है। जैसे- ‘खाना’ का अर्थ ‘घर’ होता है, जैसे डाकखाना, मुर्गीखाना आदि। Viram

दोहरे उद्धरण चिह्नों का प्रयोग किसी उद्धरण को ज्यों का त्यों ही लिखने के लिये होता है;जैसे-फ्रांसिस बेकन का कहना है, “लेखन से दुरुस्ती आती है परन्तु मनुष्य में पूर्णता पढ़ने सेआती है।”Viram

6. बिवरण चिह्न Colon+dash ( :- )

किसी कथन का विस्तार देने वाले, किसी विवरण को प्रारम्भकरने के लिये विवरण चिह्न का प्रयोग होता है, जैसे-निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर निबन्ध लिखिये :

7. निर्देशक चिह्न Dash(-)

निर्देशक (डैश) का प्रयोग निम्नलिखित परिस्थितियों में होताहै-(1) तुलसी ने कहा था- “परहित रिस धरम नहिं भाई।”

(2) विवरण प्रस्तुत करने के लिये; जैसे-यथा, आदि के बाद।

(3) वाक्य में टूटे हुए विचारों को जोड़ने के लिये जैसे- आज ऐसा लग रहा है- मैं पास हो गया हूँ।

(4) किसी कविता के उद्धरण के अन्त में; जैसे-परहित सरिस धरम नहिं भाई-

8. विस्मय बोधक चिह्न (!)-

(1) हर्ष, घृणा, आश्चर्य आदि भावों को व्यक्त करने के लिये; जैसे-अरे! वह पास हो गया।वाह! तुमने अच्छा किया।

(2) विनय, व्यंग्य, उपहास आदि व्यक्त करने के लिये; जैसे-आप तो शेक्सपियर हैं! (व्यंग्य)

हे ईश्वर रक्षा करो!(विनय)

वाह! वाह! फिर तो खेल दिखाइये! (उपहास) Viram

9. अपूर्ण विराम Colon (:) –

किसी शीर्ष को उसी के आगे स्पष्ट करने के लिये; जैसे- कामायनी : एक अध्ययन।

10. योजक चिह्न Hyphon(-) –

(अ) दो विलोग शब्दों के बीच; जैसे-सुख-दुःख ।

(ब) द्वन्द्व समास के बीच, जैसे- भाई-बहन ।

(स) दो समानार्थी शब्दों की पुनरुक्ति के बीच, जैसे घर-घर, दूर-दूर

11. कोष्ठक – (),{}, []

(),{}, [] तीन प्रकार के होते हैं। इनका प्रयोग गणित की भिन्नों मेंहोता है लेकिन इनका भाषा में भी प्रयोग होता है। (अ) नाटक एवं एकांकी में निर्देश के लिये जैसे-(राजा का प्रदेश), (पटाक्षेप) आदि।

(ब) वर्णों या संख्याओं को बन्द करने के लिये जैसे-(क), (ख), (1) (2) इयादि

12.समानता सूचक चिह्न Equal(=)

किसी शब्द के अर्थ अथवा ब्याकरण के विश्लेषण के लिए ; जैसे –

तप:+वन =तपोवन

पुनः +जन्म =पुनर्जन्म Viram

13. त्रुटिपूरक चिह्न (^)

इस चिह्न का प्रयोग कोई वाक्य छूट जाने पर बीच मे किया जाता है । जैसे –

रावण

राम ने ^को मारा था ।

14. संक्षेप सूचक चिह्न (.)

इस चिह्न का प्रयोग बड़े शब्दों का छोटा रूप दिखने के लिए किया जाता है जैसे –

डॉ.(डॉक्टर) , मि.(मिस्टर ) ,बी. टी.सी. आदि

Viram

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प्रश्न- विवरण चिह्न को सोदाहरण समझाइये ?

उत्तर- विवरण चिह्न – (:-) किसी कथन का विस्तार देने वाले, किसी विवरण को प्रारम्भ करने के लिये विवरण चिह्न का प्रयोग होता है, जैसे-
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर निबन्ध लिखिये:-

पूर्ण विराम क्या है ?

पूर्ण विराम का अर्थ है, भली-भाँति ठहर जाना ।

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